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भारत में वन्य जीव(Wildlife in india)

भारत में वन्य जीव(Wildlife in india)

भारत में प्राणियों की लगभग 75,000 प्रजातियां पायी जाती है ।
उनमे 350 स्तनधारी ,1,313 पक्षी , 408 सरीसृप , 197 उभयचर , 2,546 मछलियां , 50,000 कीट , 4,000 मोलस्क तथा अन्य बिना रीढ़ वाले प्राणी है यह विश्व का कुल 13% है ।
स्तनधारी जानवरों में हाथी सबसे अधिक महत्वपूर्ण है । ये असम ,कर्नाटक और केरल के उष्ण तथा आर्द्र वनों में पाए जाते है ।
एक सिंग वाले गैंडे पश्चिमी बंगाल तथा असम के दलदली क्षेत्रों में रहते है । भारत विश्व का अकेला देश है जहाँ शेर तथा बाघ दोनों पाए जाते है ।

भारतीय शेरोंका प्राकृतिक वास स्थल गुजरात में गिर जंगल है ।
बाघ मध्य प्रदेश तथा झारखण्ड के वनों , पश्चिमी बंगाल के सुंदरवन तथा हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाते है ।
तेंदुआ बिल्ली जाति का सदस्य है जो शिकारी जानवरों में मुख्य है ।

लद्दाख की बर्फीली ऊंचाईयों में याक पाए जाते है जो गुच्छेदार सींगों वाला बैल जैसा जीव है जिसका भार लगभग एक टन होता है ।
तिब्बतीय बारहसिंघा , भारल (नीली भेड़ ) , जंगली भेड़ , तथा किआंग (तिब्बती जंगली गधे) भी भारत में पाए जाते है ।

घड़ियाल , मगरमच्छ की प्रजाति का एक ऐसा प्रतिनिधि भी है जो विश्व में केवल भारत में पाया जाता है ।

वन्य जीव संरक्षण

भारत के सम्राट अशोक महान के शिलालेखों में वन्य जीवों के शिकार पर अंकुश व संरक्षण के बारे में विवरण मिलता है ।

जैव मंडलीय सुरक्षित क्षेत्र –
हमारे देश में वन्य जीवों के संरक्षण हेतु 15 जीव मंडल निकाय (आरक्षित क्षेत्र ) स्थापित किये गए है । ये निम्न है –
नन्दादेवी (उत्तराखण्ड)
सुंदरवन (पश्चिमी बंगाल , रॉयल बंगाल टाइगर)
मानस (असम)
नोकरेक (लाल पांडा , मेघालय )
मन्नार खाड़ी (तमिलनाडु)
नीलगिरि : – तमिलनाडु , केरल , कर्नाटक में फैला यह क्षेत्र , 1986 में जैव आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया । यह देश का सबसे पुराना जैव आरक्षित क्षेत्र है । भारत में सर्वाधिक जैव विविधतारखने वाला केरल का साइलैंड वैली भी इसी क्षेत्र में स्थित है ।
सिमलीपाल (उड़ीसा)
नामदफा
थार का रेगिस्तान
जिम कार्बेट ,उत्तराखंड
कच्छ का छोटा रन : – गुजरात (क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा क्षेत्र)
कान्हा, मध्यप्रदेश
उत्तरी अंडमान
वृहद निकोबारव
काजीरंगा , असम में

यूनेस्को ने भारत के 10 जैव मंडल रिजर्वों को विश्व धरोहर घोषित किया है : 1. नीलगिरि (2000 ई.)
2. मन्नार की खाड़ी (2001 ई.)
3. सुंदर वन (2001 ई.)
4. नन्दादेवी (2004 ई.)
5. नोकरेक (2009 ई.)
6. पंचमढ़ी (2009 ई.)
7. सिमलीपाल (2009 ई.)
8. अचानकमार – अमरकंटक (2012 ई.)
9. निकोबार द्वीप समूह (2013 ई.)
10. अगस्तमलाई (2015 -2016 ई.)

2010 में भारत सरकार ने हाथी को राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित किया था ।
छतीसगढ़ के बादलखोड़ , लेमारू में जबकि अरुणाचल प्रदेश के देवमाली में भारत सरकार ने हाथी परियोजना बना रखी है ।

घड़ियालों के संरक्षण हेतु राजस्थान , मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की सयुक्त राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल परियोजना तथा उड़ीसा की भितरकनिका घड़ियाल परियोजना संचालित है।

उड़ीसा के तट पर श्री विश्वजीत मोंहती के नेतृत्व में लुप्त प्राय औलिव रिडले टर्टल के संरक्षण हेतु ‘ प्रोजेक्ट कच्छप ‘ चलाया जा रहा है ।

1950 में देश के तत्कालीन वन मंत्री के.एम. मुंशी द्वारा चलाये गये ‘ अधिक वृक्ष लगाओं ‘ अभियान को ही वर्तमान में प्रत्येक वर्ष 1 -7 जुलाई के मध्य वन महोत्सव जे नाम से मनाया जाता है ।

1948 में स्विट्जरलैंड के ग्लैण्ड शहर में IUCN का गठन किया गया , जिसके द्वारा 1966 से रेड डाटा बुक प्रकाशित की जाती है , जिसमे सजीवों की विलुप्त और संकटग्रस्त प्रजातियो का उल्लेख किया गया है ।? यूनेस्को ने भारत के सात भौगोलिक एवं पारिस्थितिकीय क्षेत्रों को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया है : –
1. काजीरंगा (असम)
2. मानस (असम)
3. नन्दादेवी (उत्तराखण्ड)
4. सुन्दर वन (पश्चिमी बंगाल)
5. केवलादेव (भरतपुर)
6. फूलों की घाटी (उत्तराखंड)
7. भितरकनिका (उड़ीसा)

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