कंप्यूटर नोट्स/ सामान्य अध्ययन

46 Computer Evolution history year wise

Computer Evolution history year wise

1617

इस वर्ष जोन नैपियर नामक वैज्ञानिक ने नेपियर बोन के नाम से लकड़ी और आईवरी की रॉड बनाई। जिसका इस्‍तेमाल calculate करने के लिए किया गया।

1642

इस वर्ष ब्‍लेज पास्‍कल नामक वैज्ञानिक ने पैस्‍वलाइन के नाम से डिजिटल एडिंग मशीन बनाई।

1822

इस वर्ष चार्ल्‍स बैबेज ने डिफरेंस इंजन के नाम से एक मशीन बनाई जिसका नाम बाद में इनालेटकल इंजन पड़ा। इसे वास्‍तविक जनरल परपज कम्‍प्‍यूटिगं  मशीन का दर्जा प्राप्‍त हुआ।

1906

इस वर्ष ली-डे-फारेस्‍ट नामक वैज्ञानिक ने वैक्‍यूम ट्यूब ट्रायोड का पेटेंट कराया और इसका इस्‍तेमाल इलैक्‍ट्रानिक स्विच के तौर पर पहले इलेक्‍ट्रॉनिक कम्‍प्‍यूटर में किया गया।

1937

इस वर्ष जॉन वी एटनाशॉप ने एटनाशॉप वैरी नामक कम्‍प्‍यूटर का निर्माण किया। इस कम्‍प्‍यूटर को ABC के सक्षिप्‍त नाम से जाना जाता हैं। आधिकारिक तौर पर इस कम्‍प्‍यूटर को ही पहले इलेक्‍ट्रॉनिक कम्‍प्‍यूटर का दर्जा प्राप्‍त हैं।

1943

इस वर्ष ऐलन टार्निक नामक वैज्ञानिक ने एक सीक्रेट ब्रिटिश कोड को ब्रेक करने के लिए कम्‍प्‍यूटर डिजाइन किया। जिसका इस्‍तेमाल जर्मनी के द्वारा इस्‍तेमाल या भेजे जा रहे गुप्‍त संदेशों को डिकोड करने में किया गया। इस कम्‍प्‍यूटर को कोड ब्रेकिंग कम्‍प्‍यूटर का नाम दिया गया।

1945

जॉन बॉन न्‍यूमेन नामक साइंटिस्‍ट ने EDB एसी नामक कम्‍प्‍यूटर के ऊपर एक रिपोर्ट बनाई। इस रिपोर्ट में इस कम्‍प्‍यूटर का संपूर्ण खाका वास्‍तव में एक माडर्न अर्थात् आधुनिक स्‍टोरेज प्रोग्राम वाले कम्‍प्‍यूर का था।

1946

इस वर्ष ENIAC एसी नामक कम्‍प्‍यूटर का निर्माण हुआ और इस मशीन को बनाने का श्रेय मिचिली तथा जे ट्रेस नामक वैज्ञानिक को गया।

1947

इस वर्ष 23 दिसंबर को विलियम सॉकली बॉटल ब्रैटमैन और जॉन वार्डीन नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर प्‍वाइंट से कान्‍टेक्‍ट करके बनने वाले ट्राजिंस्‍टर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया और यहीं से सेमी कंडेक्‍टर की शुरूआत हुई।

1949

इस वर्ष EDS एसी नामक पहले व्‍यवहारिक प्रोग्राम नामक कम्‍प्‍यूटर का निर्माण हुआ। यह निर्माण कैम्‍प्रेच विश्‍वविद्यालय में मॉरी विकलेस नामक वैज्ञानिक ने किया।

1950

इस वर्ष इंजीनियरिंग रिसर्च एसोसिएट्स ऑफ मिनि एप्‍लेट्स वि‍ल्डिंग के द्वारा पहले कॉमर्शियली इस्‍तेमाल किए जा सकने वाले कम्‍प्‍यूटर का उत्‍पादन किया गया।

1952

इस वर्ष यूनीवके-1 नामक कम्‍प्‍यूटर को अमेरिकन सेंसेज ब्‍यूरो को डिलीवर किया गया। यह पहला कमर्शियल कम्‍प्‍यूटर था। जिसने लोगों का ध्‍यान अपनी ओर खींचा।

1953

आईबीएम नामक कंपनी ने अपने पहले इलेक्‍ट्रॉनिक कम्‍प्‍यूटर 701 को इस वर्ष मार्केट में उतारा।

1954

इस वर्ष सिलीकॉन पर आधारित जंगसन ट्रांजिस्‍टर को गार्डन टील जो कि टैक्‍सास के वैज्ञानिक थे, के द्वारा बनाया गया। इसकी वजह से कम्‍प्यूटरों की कीमत में जबरदस्‍त गिरावट आई। इसी वर्ष आईबीएम अर्थात इंटरनेशनल बिजनेस मशीन नामक कंपनी ने 650 मैग्‍नेटिक ड्रम कैलकुलेटर नामक कम्‍प्‍यूटर को बनाया और यह कम्‍प्‍यूटर एक साल में 450 की संख्‍या में बिका।

1955

बेल लेब्रोट्रीज ने इस वर्ष यह घोषणा की कि उन्‍होंने टीआरएडीआईसी नामक पहले पूरी तरह से ट्रांजिस्‍टर पर आधारित कम्‍प्‍यूटर को बनाया हैं।

1956

एम आईटी रिसर्च के द्वारा टीएक्‍स शून्‍य नामक पहला जनरल परपज प्रोग्रामबेल कम्‍प्‍यूटर ट्रांजिस्‍टरों के द्वारा बनाया गया।

1958

इस वर्ष जैक किल्‍बी नामक वैज्ञानिक ने इंटीग्रेटेड सर्किट बनाया। जिसमें रजिस्‍टर्स और कैपिस्‍टर्स को भी सेमी कंडक्‍टर पीस के तौर पर इस्‍तेमाल किया गया था। यह काम टैक्‍सास इंस्‍टूमेंट नामक कंपनी के तत्‍वाधान में किया गया।

1959

इस वर्ष आईबीएम नामक कंपनी ने सात हजार सीरीज के मेनफ्रेम कम्‍प्‍यूटरों को बाजार में उतारा। यह कंपनी के पहले ट्रांजिस्‍टर पर आधारित कंम्‍प्‍यूटर थे।

1960

इस वर्ष पीडीपी-1 नामक मिनी कम्‍प्‍यूटर को एक लाख बीस हजार डॉलर में बेचा गया। इसी वर्ष रॉबर्ट न्‍वाइस नामक वैज्ञानिक ने इंटीग्रेटेड सर्किट का अविष्‍कार किया। इसके द्वारा सिलीकॉन सार्फिस पर सर्केट की प्रिंटिग की शुरूआत हुई।

1961

डेटामेशन मैगजीन के अनुसार इंटरनेशलन बिजनेस मशीन अर्थात आईबीएम नामक कंपनी का कम्‍प्‍यूटर बाजार के 81.2 प्रति भाग पर कब्‍जा हो चुका था और इसी वर्ष आईबीएम ने अपने 14 सौ सीरीज वाले कम्‍प्‍यूटरों को बाजार में उतारा।

1964

इस वर्ष सेमोरक्रे के द्वारा सीडीसी 66 सौ नामक सुपर कम्‍प्‍यूटर को डिजाइन किया गया। यह सुपर कम्‍प्‍यूटर एक सेकेंड मे तीन मिलियन निर्देशों को क्रियान्वित करने की क्षमता से लैस था और इसकी प्रोसेसिंग गति अपने निकटतम कम्‍प्‍यूटर से तीन गुना अधिक थी।

इस वर्ष आईबीएम नामक कंपनी ने सिस्‍टम 360 नामक एक कम्‍प्‍यूटर फैमिली को बाजार में उतारने की घोषणा की। इस कम्‍प्‍यूटर के साथ चालीस सहायक उपकरण एक साथ मिलकर काम कर सकने की क्षमता रखते थे। इसी वर्ष ऑन लाइन ट्रांसजेक्‍शन प्रोसेसिंग के लिए आईबीएम ने शेयर रिजर्वेशन सिस्‍टम और अमेरिकन एयरलाइन के लिए रिजर्वेशन नामक सिस्‍टम को सेट किया।

1965

डिजिटल इक्‍यूपमेंट कॉरपोरेशन जिसे संक्षेप में डीईसी कहा जाता हैं नामक कंपनी ने पीडीपी-8 नामक पहला कमर्शियल मिनी कम्‍प्‍यूटर बाजार में पेश किया जिस‍का सफलापूर्वक इस्‍तेमाल किया गया।

1966

इस वर्ष हैलवेट पैकर्ड अर्थात एचपी नामक कंपनी ने जनरल परपज कम्‍प्‍यूटर के बिजिनेस में प्रवेश किया और इसने एचपी 2115 के नाम से एक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा।

1970

इस वर्ष कम्‍प्‍यूटर से कम्‍प्‍यूटर के बीच कम्‍यूनीकेशन पर ज्‍यादा जोर रहा और डिपाटमेंट ऑफ डिफेंस स्‍पेस्लिट के द्वारा आर्पनेट की स्‍थापना की गई। जिसे आज हम इंटरनेट के नाम से जानते हैं। इसमें कैलीफोर्निया इंवर्सिटी कैलीफोर्निया के तहत आने वाले सेंटाबार्रा और ला सेंटर विश्‍वविद्यालय का काफी योगदान रहा।

1961

डेटामेशन मैगजीन के अनुसार इंटरनेशलन बिजनेस मशीन अर्थात आईबीएम नामक कंपनी का कम्‍प्‍यूटर बाजार के 81.2 प्रति भाग पर कब्‍जा हो चुका था और इसी वर्ष आईबीएम ने अपने 14 सौ सीरीज वाले कम्‍प्‍यूटरों को बाजार में उतारा।

1964

इस वर्ष सेमोरक्रे के द्वारा सीडीसी 66 सौ नामक सुपर कम्‍प्‍यूटर को डिजाइन किया गया। यह सुपर कम्‍प्‍यूटर एक सेकेंड मे तीन मिलियन निर्देशों को क्रियान्वित करने की क्षमता से लैस था और इसकी प्रोसेसिंग गति अपने निकटतम कम्‍प्‍यूटर से तीन गुना अधिक थी।

इस वर्ष आईबीएम नामक कंपनी ने सिस्‍टम 360 नामक एक कम्‍प्‍यूटर फैमिली को बाजार में उतारने की घोषणा की। इस कम्‍प्‍यूटर के साथ चालीस सहायक उपकरण एक साथ मिलकर काम कर सकने की क्षमता रखते थे। इसी वर्ष ऑन लाइन ट्रांसजेक्‍शन प्रोसेसिंग के लिए आईबीएम ने शेयर रिजर्वेशन सिस्‍टम और अमेरिकन एयरलाइन के लिए रिजर्वेशन नामक सिस्‍टम को सेट किया।

1965

डिजिटल इक्‍यूपमेंट कॉरपोरेशन जिसे संक्षेप में डीईसी कहा जाता हैं नामक कंपनी ने पीडीपी-8 नामक पहला कमर्शियल मिनी कम्‍प्‍यूटर बाजार में पेश किया जिस‍का सफलापूर्वक इस्‍तेमाल किया गया।

1966

इस वर्ष हैलवेट पैकर्ड अर्थात एचपी नामक कंपनी ने जनरल परपज कम्‍प्‍यूटर के बिजिनेस में प्रवेश किया और इसने एचपी 2115 के नाम से एक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा।

1970

इस वर्ष कम्‍प्‍यूटर से कम्‍प्‍यूटर के बीच कम्‍यूनीकेशन पर ज्‍यादा जोर रहा और डिपाटमेंट ऑफ डिफेंस स्‍पेस्लिट के द्वारा आर्पनेट की स्‍थापना की गई। जिसे आज हम इंटरनेट के नाम से जानते हैं। इसमें कैलीफोर्निया इंवर्सिटी कैलीफोर्निया के तहत आने वाले सेंटाबार्रा और ला सेंटर विश्‍वविद्यालय का काफी योगदान रहा।

1971

इस वर्ष आईबीएम नामक कंपनी ने सौन्‍जोश लैब्रेट्री के तहत आठ इंच को फ्लॉपी डिस्‍क का आविष्‍कार हुआ। इसी वर्ष पहले माइक्रोप्रोसेसर जिसे इंटेल 4.00 कहा गया को बाजार में उतारा गया। 1971 में ही केनवेक-1 नामक पहला पर्सनल कम्‍प्‍यूटर बाजार में उतारा गया। जिसकी कीमत 750 डॉलर थी।

1972

हैलवेट पैकर्ड अर्थात एचपी नामक कंपनी ने एचपी 35 के नाम से एक बहुत ही शुद्धता के साथ गणना करने वाली इलेक्‍ट्रॉनिक शायड्रूल जिसमें की सॉलेड स्‍टेट मेमोरी का इस्‍तेमाल किया गया था नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा।

इस वर्ष इंटेल ने 8008 माइक्रोप्रोसेसर को बाजार में लांच किया। 1972 में ही स्‍टीपवांजियक ने ग्‍लूबॉक्‍स के नाम से मुप्‍त में फोन करने की सुविधा को बाजार में लांच किया।

1973

इस वर्ष राबर्ट मैच कैलेफ डिवाइस के द्वारा ईथरनेट मैथड पर नेटवर्क कनेक्‍शनों को लांच किया गया। 1973 में ही मिक्रेल नामक कमर्शियल नॉन किट पर्सनल कम्‍प्‍यूटर जोकि 8008 नामक माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था को बाजार में उतारा गया।

1973 मे ही टीवी टाइपराइटर को डिजाइन करके डॉनलेन कास्‍टर नामक वैज्ञानिक के द्वारा बाजार में उतारा गया। इसमें अल्‍फान्‍यूमेरिक इंफार्मेशन का डिस्‍प्‍ले होता था और इस डिस्‍प्‍ले के लिए इसमें एक सामान्‍य टेलीविजन सेट को प्रयोग किया गया था।

1974

जीरॉक्‍स पाल एल्‍टो रिसर्च सेंटर के द्वारा पहला ऐसा ऑल्टो वर्क स्‍टेशन बनाया गया जिसमें माउस को जोड़कर इनपुट करने की सुविधा थी।

इस वर्ष पहला क‍मर्शियली एडर्वटाइजमेंट जोकि कम्‍प्‍यूटर के बारे में था लांच किया गया और इसके तहत जिस कम्‍प्‍यूटर को प्रचारित किया गया था वह इंटेल के 8008 माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था।

1975

इस वर्ष टेलीनेट अर्थात पहले कमर्शियल पैकेट सूचिंग नेटवर्क का जन्‍म हुआ। 1975‍ में एल्टियर 8800 नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा गया। यह कम्‍प्‍यूटर 8080 माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित था। इस प्रोसेसर का निर्माण इंटेल कंपनी के द्वारा किया गया था। 1975 में ही बी‍डीएम को डिजाइन किया गया यह डिजाइन ली फ्लेंसटेंस नामक वैज्ञानिक ने किया था। जिसका बाद में अल्‍फा न्‍यूमेरिक वीडियो डिस्‍प्‍ले के तौर पर पर्सनल कम्‍प्‍यूटों में इस्‍तेमाल हुआ।

1976

इस वर्ष स्‍टीप ह्यूजोनेक नामक वैज्ञानिक ने एपल-1 के नाम से एक सिंगल मोड पर आधारित कम्‍प्‍यूटर को डिजाइन किया। 1976 में ही सवा पांच इंच आकार वाली फ्लेक्‍सबल फ्लॉपी डिस्‍क को इस्‍तेमाल करने वाली डिस्‍क ड्राइव और डिस्‍क को सौगर्ट एसोसिएट कंपनी के द्वारा बाजार में लांच किया गया।

इस वर्ष क्रेबन के नाम से पहला कमर्शियली वेक्‍टर प्रासेसर बाजार में उतारा गया।

1977

इस वर्ष टेन्‍डी रेडियो सेक नामक कंपनी ने टीआरएसटी नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में लांच किया। 1977 में ही एप्‍पल कम्‍प्‍यूटर नामक कंपनी ने एपल टू नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा और इसी वर्ष कोमोडोर एंट्रोड्यूसेज कोमोडोर नामक कंपनी ने पर्सनल इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांजिस्‍टर नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में लांच किया।

1978

इस वर्ष वैक्‍स BAX 11/780 नामक कम्‍प्‍यूटर को डीईसी अर्थात् डिजिटल इक्‍यूपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा बाजार में उतारा गया। इस कम्‍प्टूयर 4.3 गोगाबाइट की वर्चुअल मेमोरी को इस्‍मेमाल किया गया था। जिसकी वजह से इसकी क्षमता  किसी भी सामान्‍य मिनी कम्‍प्‍यूटर से कई सौ गुना ज्‍यादा थी।

1979

मोट्रोला नामक कंपनी ने इस वर्ष 6800 नामक माइक्रोप्रोसेसर को डिजाइन करके बाजार में उतारा।

1980

जीरॉक्‍स पॉलियो आल्टो रिसर्च सेंटर के जॉन स्‍नो ने एक ऐसा सार्ट प्रोग्राम इन्‍वेटं किया जिसे नेटवर्क पर इस्‍तेमाल  किया जा सकता हैं और इसका नाम वार्म अर्था WORM रखा गया।

इस वर्ष सीगेट टेक्‍नौलॉजी नामक कंपनी ने पहली हार्डडिस्‍क ड्राइव जो कि माइक्रो कम्‍प्‍यूटरों में इस्‍तेमाल हो सकती थी को लांच किया और इस हार्डडिस्‍क का मॉडल था XT 506। 1980 में ही पहली बार ऑप्टिकल डेटास्‍टोरेज डिस्‍क को बाजार में उतारा गया। इस डिस्‍क में किसी भी सवा पॉच इंच वाली फ्लॉपी से 60 गुन ज्‍यादा स्‍टोरेज क्षमता थी।

1981

इस वर्ष जीरॉक्‍स कंपनी ने पहला ऐसा कम्‍प्‍यूटर बाजार में उतारा जिसमें ग्राफिक यूजर इंटरफेस अर्थात GUI क्षमता था। 1981 में एडम आस्‍बॉर्न नामक वैज्ञानिक पहला पोर्टेबल कम्‍प्‍यूटर बनाया। जिसका वजन 24 पाउंड था और इसकी कीमत 1795 डॉलर थी। 1981 में ही आईबीएम ने पीसी अर्थात पर्सनल कम्‍प्‍यूटर को इन्‍ट्रोडोज किया। यह आज के अत्‍याधुनिक पीसी का ग्रांड फादर माना जाता हैं। 1981 में सोनी नामक कंपनी ने पहली बार साढ़े तीन इंच की फ्लॉपी ड्राइव डिस्‍क को बाजार में उतारा।

1983

इस वर्ष एपल कम्‍प्‍यूटर नामक कंपनी ने लीजा नामक GUI अर्थात् ग्राफिक यूजर इंटर फेस को अपने कम्‍प्‍यूटर में इंस्‍ट्रॉल करके बाजार में पेश किया। यह जीरॉक्‍स स्‍टार द्वारा बनाए गए GUI  के काफी करीब था। 1983 में ही कॉम्‍पेक्‍ट कम्‍प्‍यूटर कॉरपोरेशन ने ऐसा पहला पीसी क्‍लोन बनाया जो कि वही सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर सकता हैं जिसे आईबीएम पीसी नामक कम्‍प्‍यूटर में किया जाता हैं।

1984

इस वर्ष एपल कंपनी ने मैकंटोश के नाम से पहला माउस के द्वारा चलने वाला ग्राफिक्‍स यूजर इंटरफेस पर आधारित कम्‍प्‍यूटर लांच किया। जिसकी कि उस समय बिक्री अपने आप में एक रिकार्ड थी। 1984 में ही आईबीएम नामक कंपनी ने पीसी एटी अर्थात पीसी एडवांस टेक्‍नोलॉजी नामक कम्‍प्‍यूटर को बाजार में उतारा। जो कि अपने पहले पीसी से तीन गुना ज्‍यादा काम करने की क्षमता रखता था और इसी वर्ष इसमें 16 बिट का आईएस बस सिस्‍टम भी इस्‍तेमाल किया गया।

1985

इस वर्ष फिलिप्‍स नामक कंपनी के द्वारा सीडी-रेम ड्राइव को लांच किया गया।

1986

इस वर्ष कॉप्‍पैक नामक कंपनी ने डेस्‍क 386 नाम से पहला कम्‍प्‍यूटर बाजार में उतारा। जिसके अंतर्गत इंटेल के द्वारा बनाया गया 386 नामक प्रोसेसर लगा हुआ था।

1987

आईबीएम नामक कम्‍प्‍यूटर ने इस वर्ष पीएस टू नामक मशीन को बाजार में उतारा। जिसमें साढ़े तीन इंच की फ्लॉपी डिस्‍क ड्राइव, वीजीए (VGA) स्‍टैंडर्ड और माइक्रो चैनल आर्किटेक्‍चर बस को इस्‍तेमाल किया गया था। यह पहली प्‍लग एंड प्‍ले क्षमता युक्‍त बस थी जिसे प्रयोग किया गया था।

1988

एपप कंपनी के स्‍टीप जॉब्स ने एपल कंपनी को छोड़कर अपनी एक नई कंपनी बनाई । जिसका नाम NEXT रखा। 1988 में ही कॉम्‍पैक तथा दूसरे पीसी क्‍लोन बनाने वालों ने इन्‍हेंस्‍ड इन्‍हेंस्‍ड इंटस्‍ट्री एंड आर्किटेक्‍चर का विकास किया। जिसे ईजा के नाम से जाना गया।

इसी वर्ष रॉबर्ट मॉरी ने आर्पनेट के लिए कॉफी काम किया। यह 23 वर्षीय व्‍यक्ति एक कम्‍प्‍यूटर सिक्‍योरिटी एक्‍सपर्ट का बेटा था, जो नेशनल सिक्‍योरिटी में काम करता हैं। इसने एक नॉन डिस्‍टेक्टिव बॉर्न को इंटरनेट के माध्‍यम से नेटवर्क के लिंक बनाने में काफी मदद की।

1989

इस वर्ष इंटेल ने 486 नामक माइक्रोप्रोसेसर को बाजार में रिलीज किया। जोकि 1 मिलियन ट्रांजिस्‍टरों से मिलकर बना था और इसी इंटेल ने 486 मदरबोर्ड चिप सेट को बाजार में उतारा।

1990

एस वर्ष वर्ड वाइड वेब अर्थात् www का जन्‍म हुआ। इसमें टिम बैनिनेस वैज्ञानिक का योगफल सर्वाधिक था। यह वैज्ञानिक हाई एनर्जी फिजिक्‍स प्रयोगशाला जेनेवा में काम करता था और इसके द्वारा हाईपर टेक्‍स्‍ट लैंग्‍वेज का विकास हुआ।

1993

इस वर्ष इंटेल ने अपना पेंटियम अर्थात पी-5 प्रोसेसर बाजार में उतारा। इसी के साथ इंटेल ने मदरबोर्ड चिप सेट को भी लांच किया जो कि पहली बार उनके द्वारा बनाया गया एक संपूर्ण मदरबोर्ड था।

1995

इस वर्ष इंटेल ने पेंटियम प्रो प्रोसेसर को बनाया। जो कि पहला पी-6 प्रोसेसर फैमिली का प्रोसेसर हैं। 1995 में ही माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 95 को रिलीज किया। यह पहला मेन स्‍ट्रीम 32 बिट ऑपरेटिंग सिस्‍टम था।

1997

इस वर्ष पेंटियम-2 प्रोसेसर को बाजार में रिजीज किया। यह वास्‍तव में पेंटियम प्रो और MMX टेक्‍नोलॉजी का मिला-जुला रूप था। 1997 मे ही एमडी नामक कंपनी के K-6 नामक एक ऐसा प्रोसेसर बाजार में लांच किया जो पी-5 के समतुल्‍य था और कीमत में काफी कम था।

1998

इस वर्ष माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के द्वारा विंडोज 98 को एक संपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्‍टम के रूप में बाजार में उतरा गया। इसी वर्ष इंटेल ने सेलेरॉन नामक प्रोसेसर जिसकी कीमत कम थी बाजार में लांच किया। यह प्रोसेसर वास्‍तव में-2 प्रोसेसर का एक ऐसा रूप था जिसमें L-2  नामक कैश मेमोरी की मात्रा कम कर दी गई थी।

1999

इस वर्ष इंटेल ने पेंटियम-3 नामक प्रोसेसर को बाजार में रिलीज किया। यह प्रोसेसर पेंटियम-2 और स्‍ट्रीमिंग SIMD एक्‍सटेंशन तकनीक से युक्‍त था। 1999 में में ही एएमडी ने अपना एथलॉन प्रोसेसर बाजार में उतारा।

2000

इस वर्ष माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ME को बाजार में लांच किया। यह विंडोज का मिलेनियम एडिशन था जिसे विंडोज 2000 भी कहा गया। इसी वर्ष इंटेल और एएमडी ने एक गेगाहर्ट्ज की गति से काम करने प्रोसेसरों को विकसित किया। इसी वर्ष AMD नामक कंपनी ने ड्यूरॉन नामक प्रोसेसर भी बाजार में उतारा।

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एग्जाम टॉपर क्लास टीम

My Name is Jitendra Singh (Rana) और मैं एक सफल शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा हूं ! और मैं लखनऊ, उत्तर प्रदेश (भारत) से हूँ।
मेरा उद्देश्य हिन्दी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है ! आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कृष्ट अभिलाषा है !!
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